ahir regiment haq hai hamara
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Demand For Ahir Regiment in The Indian Army in Hindi : भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग क्या सरकार इस मांग को पूरा कर पाएगी । i

भारतीय सेना में हो रही अहीर रेजिमेंट की मांग क्या सरकार इस मांग को पूरा कर पाएगी  जानिए सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहा है #अहीर_रेजिमेंट, यूजर्स कर रहे हैं ये मांग latest news The Ahir Regiment demand 

             अहीर रेजिमेंट की क्यों उठ रही मांग

 

देश में अहीर रेजिमेंट बनाने की मांग की जा रही है देश में अहीर रेजिमेंट बनाने के बात कई दिनों से चल रही है जैसे गुरखा रेजिमेंट, राजपूताना राइफल्स ठीक वैसे ही अहीर रेजिमेंट बनाने की बात की जा रही है हरियाणा के रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हुड्डा ने संसद में अहीर रेजिमेंट की गठन की मांग उठाई है इस मांग को उठाने वाले दीपेंद्र सिंह हुड्डा अकेले शख्स नहीं है लंबे समय से देश में अहीर रेजिमेंट गठन करने की मांग होती रही है 2018 में इस मांग को लेकर संयुक्त अहिर जजमेंट मोर्चा ने 9 दिन तक भूख हड़ताल भी की थी अब इस समुदाय का कहना है कि 4 साल समय बीतने के बाद भी उनकी जो मांग है अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है इस पूरे मामले को सुनकर एक सवाल मन में खड़ा होता है कि आखिर एक रेजीमेंट बनाने में इतना बवाल क्यों हो रहा है। ahir regiment haq hai hamara

आखिर कैसे बनता है रेजिमेंट

कोई भी रेजिमेंट और जाति के नाम पर सेना रेजिमेंट कैसे बनती है तो सबसे पहले तो सबसे पहले सवाल का जवाब देते हैं कि आखिर रेजीमेंट क्या होता है भारतीय सेना में रेजिमेंट एक ग्रुप होता है जो कई रेजिमेंट के ग्रुप को मिलाने से एक भारतीय सेना बनती है भारत मैरिज में सबसे पहले अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बनी थी अंग्रेज अपने शुरुआती समय में समुद्री इलाकों तक ही सीमित थी इसलिए उन्होंने सबसे पहले मद्रास रेजीमेंट बनाई फिर जैसे-जैसे अंग्रेजी हुकूमत का शासन बढ़ता गया वैसे वैसे नई-नई रेजिमेंट बनाती चली गई ।
और अब बात करते हैं इस मैटर पर हो रहे इस सवाल के बारे में अहीर रेजिमेंट की मांग कहां तक जायज है इसके बारे में बात करते हैं 4 फरवरी से दिल्ली गुरु ग्राम सीमा पर संयुक्त अहिर मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग अरेंजमेंट की मांग कर रहे हैं । अहीर रेजिमेंट को सपोर्ट करने वाले लोगों का तर्क यह है कि 70 सालों से अहिर समुदाय के देशों के लिए कई बलिदान दिए हैं खास तौर पर 1962 के रेजांगला युद्ध में 13 कुमाऊं के 120 शहीद जवान अहीर समुदाय के ही थे । जिन्होंने बहादुरी से सामना किया और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दी ।अहीर रेजिमेंट की मांग करने वाले लोगों को कहना है कि अहीर रेजिमेंट बनाकर शहादत देने वाले लोगों को सही तरीके से सम्मान देना चाहिए लेकिन डिफेंस एक्सपोर्ट्स पीके शाहगिल ने इस मांग को पूरी तरह से राजनीतिक से प्रेरित बताया है उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के लोग इस देश में और समाज के लोगों को किसी न किसी तरीके से बांटना चाहते हैं सीधा सीधा कभी भी कोई भी ऐसा मांग करती है और ना ही करेगी यह मांग सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक पॉलिटिक्स के ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है खैर यह सारी बातें तो राजनीतिक है। Ahir Regiment Demand

आखिर कैसे बनता है रेजिमेंट

जाति के नाम पर सेना में रेजिमेंट कैसी बनने शुरू हुई demand for ahir regiment in the indian army in hindi

अब इसके बारे में बात करते हैं भारतीय सेना में ज्यादातर व्यवस्था है वह अंग्रेज के जमाने से ही चली आ रही है हमारे पास जो सेना है उस सेना में अधिकतर व्यवस्था अंग्रेजों के दिन से ही चली आ रही है ब्रिटिश अजमेर सेना की एक छोटी सी परी और अफसरों के साथ भारत आए थे इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश सेना में भर्ती की शुरुआत करनी शुरू कर दी जब उन्होंने समुद्री इलाकों से इलाकों से अपना विस्तार करना शुरू किया तो सबसे पहले अंग्रेजों ने ऐसी जातियों को सेना में शामिल किया जो जंग के मैदान में खूब बहादुर से लड़ी थी लड़ी थी सिख साम्राज्य ने अंग्रेजो के खिलाफ तीन और लड़े जिसमें अंग्रेजों ने सिखों की बहादुरी अपनी आंखों से देखी इसके बाद अंग्रेजों ने 1846 में ब्रिटिश भारतीय सेना में सिख रेजीमेंट को बनाया सिख रेजीमेंट में अधिकतर सेना सिखों की थे और ऐसे ही धीरे-धीरे करके जाति के नाम पर एजमेंट बनना शुरू हुआ ,अब जहां तक अहीर रेजिमेंट बनाने की बात हो रही है अब देखने वाली बात यह होगी कि यह मुद्दा कहां तक आगे जाता है और आखिर में फैसला क्या दिया जाता है ऐसे ही लेटेस्ट खबरों के लिए हमारे चैनल के साथ जुड़े रहे है। What is the history of Ahirs in the army

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